इस कद्र हुआ है ज़ालिम वो
जो जुल्म किए ही जाता हे
और उसकी गलती बतला दो तो आंसू खूब बहाता है
उसके आंसू भी मुझको अब बस पानी ही लगते हैं
उनके वादे कसमें सब , बेमानी सी लगते हैं।
जो जुल्म किए ही जाता हे
और उसकी गलती बतला दो तो आंसू खूब बहाता है
उसके आंसू भी मुझको अब बस पानी ही लगते हैं
उनके वादे कसमें सब , बेमानी सी लगते हैं।
— नातिक वसीम