दिल की बात, अल्फ़ाज़ों के साथ

Apni shayari duniya tak pahunchaiye — bina kisi login ke.

Dard
इस कद्र हुआ है ज़ालिम वो
जो जुल्म किए ही जाता हे
और उसकी गलती बतला दो तो आंसू खूब बहाता है
उसके आंसू भी मुझको अब बस पानी ही लगते हैं
उनके वादे कसमें सब , बेमानी सी लगते हैं।
— नातिक वसीम
Dard
दर्पण कब तक तोड़ते फिरोगे,
मानते क्यों नहीं की दाग चेहरे पर है
— Gumnaam